राज्य में शराब बिक्री का नया नियम लागू, अब प्लास्टिक बोतलों में मिलेगी शराब

Tue 14-Apr-2026,02:01 PM IST +05:30

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राज्य में शराब बिक्री का नया नियम लागू, अब प्लास्टिक बोतलों में मिलेगी शराब Plastic-Bottle-Liquor-Rule-State-Update
  • राज्य में अब देशी और सस्ती शराब प्लास्टिक बोतलों में बेची जाएगी, 1 अप्रैल से लागू नियम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।

  • फिलहाल केवल दो कंपनियों ने सप्लाई शुरू की, रायपुर में पहली खेप पहुंची, जबकि कांच की बोतलों का पुराना स्टॉक खत्म होने की कगार पर है।

  • नई व्यवस्था से लागत में कमी, परिवहन में सुविधा और बोतलों के टूटने का खतरा कम होगा, हालांकि सप्लाई में देरी से अस्थायी कमी की आशंका बनी हुई है।

Chhattisgarh / Raipur :

रायपुर/ राज्य में आबकारी विभाग के नए नियम के तहत शराब बिक्री प्रणाली में बड़ा बदलाव लागू किया गया है। अब देशी और कम कीमत वाली शराब कांच की बोतलों की बजाय प्लास्टिक बोतलों में बेची जाएगी। यह नियम 1 अप्रैल से लागू हो चुका है, लेकिन इसका पूर्ण क्रियान्वयन अब चरणबद्ध तरीके से शुरू हुआ है। इस बदलाव का उद्देश्य सप्लाई सिस्टम को आसान बनाना और लागत को कम करना बताया जा रहा है।

हालांकि नियम लागू हुए दो सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सभी कंपनियां अभी तक इस बदलाव को पूरी तरह लागू नहीं कर पाई हैं। वर्तमान में केवल दो कंपनियों ने प्लास्टिक बोतलों में शराब की सप्लाई शुरू की है। सोमवार को रायपुर जिले में पहली खेप पहुंची, जिसमें “शेरा” और “शोले” ब्रांड शामिल हैं।

आबकारी विभाग के अनुसार, कांच की बोतलों में उपलब्ध पुराना स्टॉक अब खत्म होने की कगार पर है और केवल एक से दो दिन का स्टॉक ही बचा है। ऐसे में जैसे ही पुराना स्टॉक समाप्त होगा, दुकानों में केवल प्लास्टिक बोतलों में ही शराब उपलब्ध होगी।

रायपुर जिले में शराब की खपत काफी अधिक है। हर दिन लगभग 6 हजार पेटी सस्ती शराब और करीब 3 हजार पेटी देशी शराब की बिक्री होती है। इस हिसाब से पुराने स्टॉक का तेजी से खत्म होना स्वाभाविक है।

पहली खेप में कुल 2400 पेटियों की सप्लाई की गई है, जिसमें “शेरा देशी मसाला” और “शोले प्लेन” ब्रांड शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिन दुकानों में पुराना स्टॉक खत्म हो चुका है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नई सप्लाई भेजी जा रही है।

यदि समय पर पर्याप्त सप्लाई नहीं पहुंची, तो कुछ स्थानों पर अस्थायी कमी की स्थिति बन सकती है। हालांकि विभाग का दावा है कि सप्लाई को लगातार बढ़ाया जा रहा है और किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।

इस बदलाव को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, ताकि दुकानदारों और उपभोक्ताओं को नए सिस्टम के साथ तालमेल बैठाने में आसानी हो। प्लास्टिक बोतलों के उपयोग से लागत में कमी, परिवहन में सुविधा और टूट-फूट का खतरा कम होने जैसे फायदे बताए जा रहे हैं।